From Dreams To Democracy : Bharat Bhagya Vidhata + Arthik Vikas Aur Sansadiya Loktantrik Pranali Book In Hindi | APJ Abdul Kalam Book | Economic Development India | Indian Parliamentary System | Dr. Kalam Vision | Narendra Pathak Book | Democracy In India | Indian Economy Explained | Public Policy I
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India Forward: Vision, Economy, and Democracy एक सशक्त पुस्तक संग्रह है, जो भारत के भविष्य निर्माण की दिशा में दो महत्वपूर्ण स्तंभों — डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरणादायी दृष्टि और नरेंद्र पाठक द्वारा प्रस्तुत आर्थिक व लोकतांत्रिक प्रणाली की गहराई — को एक साथ प्रस्तुत करता है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो भारत की आर्थिक नीतियों, लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की दिशा में विचारशीलता से चिंतन करना चाहते हैं।Book 1: Bharat Bhagya Vidhata by Dr. A.P.J. Abdul Kalam – ISBN: 9789350489987इस पुस्तक में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपने विचारों के माध्यम से भारत के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की है। उनका मानना था कि भारत का भाग्य उसके नागरिकों के कंधों पर है और युवा पीढ़ी देश को विश्वगुरु बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।पुस्तक में विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, और नवाचार जैसे विषयों को लेकर गहन विवेचना की गई है। यह पुस्तक न केवल युवाओं को प्रेरित करती है, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना को भी जागृत करती है। ‘भारत भाग्य विधाता’ एक ऐसा ग्रंथ है जो आत्मबल, दृष्टिकोण और संकल्प के माध्यम से परिवर्तन लाने का संदेश देता है।Book 2: Arthik Vikas Aur Sansadiya Loktantrik Pranali by Narendra Pathak – ISBN: 9789355629395नरेंद्र पाठक द्वारा लिखित यह पुस्तक भारत की आर्थिक संरचना और संसदीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करती है। लेखक ने भारतीय लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं जैसे विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और उनकी भूमिका को आर्थिक विकास के परिप्रेक्ष्य में जोड़कर समझाने का प्रयास किया है।यह पुस्तक विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों, और उन सभी पाठकों के लिए उपयोगी है जो भारत की नीति निर्माण प्रक्रिया, संसदीय कार्यशैली और विकास के रास्तों को समझना चाहते हैं। इसमें आर्थिक सुधारों, बजट प्रक्रिया, संसद की भूमिका और शासन प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला गया है।India Forward संग्रह राष्ट्र निर्माण की दो महत्वपूर्ण धाराओं को एक साथ प्रस्तुत करता है — एक ओर डॉ. कलाम का दूरदर्शी दृष्टिकोण और दूसरी ओर नरेंद्र पाठक का व्यवहारिक विश्लेषण। यह संग्रह एक चिंतनशील भारत की ओर कदम बढ़ाने वाले हर पाठक के लिए एक अनमोल संसाधन है।